कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में स्थित दंडोटी के मुरारजी देसाई छात्रावास में बुधवार रात भोजन करने के बाद अचानक बड़ी संख्या में छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। खाना खाने के कुछ ही समय बाद कई छात्रों ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद छात्रावास में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
देखते ही देखते बीमार छात्रों की संख्या बढ़कर करीब 50 पहुंच गई। छात्रों की तबीयत लगातार खराब होने पर प्रशासन ने तुरंत एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से उन्हें आसपास के सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने सभी छात्रों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक छात्रों को चित्तापुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा अन्य छात्रों को गुंडगुर्ती, मलखेड़ और दंडोटी के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों ने कई छात्रों को निगरानी में रखा है क्योंकि उनकी हालत सामान्य छात्रों की तुलना में अधिक गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलबुर्गी के डिप्टी कमिश्नर इकरामुल्ला शरीफ और जिला स्वास्थ्य अधिकारी शरणबसप्पा अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने छात्रावास में परोसे गए भोजन और पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका भोजन या पानी के दूषित होने की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
जांच के लिए पानी और अन्य आवश्यक नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विशेषज्ञ इन सैंपलों की जांच कर यह पता लगाएंगे कि छात्रों की तबीयत खराब होने के पीछे आखिर क्या वजह रही। रिपोर्ट आने तक प्रशासन ने एहतियात के तौर पर छात्रावास की रसोई और खाद्य सामग्री की भी जांच शुरू कर दी है।
अस्पतालों में भर्ती छात्रों का लगातार इलाज जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश छात्रों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ बच्चों को विशेष निगरानी में रखा गया है ताकि उनकी स्थिति में किसी भी प्रकार की गंभीरता आने पर तुरंत उपचार दिया जा सके।
घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी प्रभावित छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से इस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटे हुए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि भोजन या पानी की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए छात्रावासों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।

