इंदौर में H1N1 संक्रमण से 60 वर्षीय महिला की मौत, इस सीजन की पहली मौत बताई गई

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मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वाइन फ्लू से एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला का कई दिनों से अस्पताल में इलाज चल रहा था। मेडिकल जांच में इन्फ्लुएंजा-A और 2009 H1N1 वायरस की पुष्टि हुई थी। इसे प्रदेश में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से हुई पहली मौत बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, महिला उज्जैन की रहने वाली थीं। 31 जुलाई को उनकी तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए इंदौर लाया गया। जांच के लिए उनके नाक और गले के स्वैब सैंपल लिए गए थे। इसके बाद रिपोर्ट में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, सैंपल में इन्फ्लुएंजा-A और 2009 H1N1 वायरस पाया गया। वहीं इन्फ्लुएंजा-B और कोरोना वायरस की भी जांच की गई थी, लेकिन इनमें संक्रमण नहीं मिला। महिला का करीब 16 दिनों तक इलाज चला, लेकिन बुधवार को उनकी मौत हो गई।

परिजनों के मुताबिक, महिला को पहले से कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। परिवार का कहना है कि संक्रमण की पुष्टि होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार के सदस्यों की स्क्रीनिंग नहीं कराई गई। केवल परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाई गई।

परिजनों का आरोप है कि महिला के संपर्क में आए लोगों की भी पहचान नहीं की गई। परिवार के किसी सदस्य की जांच नहीं होने से संक्रमण को लेकर चिंता बनी हुई है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्वाइन फ्लू को H1N1 संक्रमण के नाम से भी जाना जाता है। यह श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला वायरल संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के जरिए निकलने वाली छोटी बूंदों के संपर्क में आने से यह संक्रमण दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है।

स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में संक्रमण हल्का रहता है, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और अन्य जोखिम वाले लोगों में इसके गंभीर होने की संभावना अधिक हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकना तथा हाथों की साफ-सफाई रखना जरूरी है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।

स्वाइन फ्लू के इलाज में डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार एंटीवायरल और अन्य जरूरी दवाएं दे सकते हैं। पर्याप्त आराम, शरीर में पानी की कमी न होने देना और हल्का पौष्टिक भोजन लेना भी मददगार हो सकता है। गंभीर लक्षण होने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत होती है।

महिला की मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण की स्थिति पर निगरानी बढ़ाने और संपर्क में आए लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने की जरूरत है। परिवार की स्क्रीनिंग और संभावित संपर्कों की पहचान को लेकर भी आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।