गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए समय तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देने के लिए भी वह सदन में मौजूद रहेंगे।
शाह ने अपने पत्र में कहा कि संसद के मौजूदा सत्र में सरकार पहले ही परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर कदम उठा चुकी है। इसके बावजूद सरकार इस विषय पर दोबारा चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने स्पीकर से विपक्ष के साथ बातचीत कर चर्चा के लिए उचित समय तय करने का अनुरोध किया।
गृह मंत्री ने कहा कि चर्चा के लिए जितने दिन या जितने घंटे उचित समझे जाएं, उतना समय निर्धारित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय के दौरान वह सदन में मौजूद रहेंगे और इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा लेंगे।
शाह ने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से उठाए गए सभी सवालों का जवाब देने के लिए सरकार तैयार है। उनके मुताबिक, सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और हर संबंधित मुद्दे पर संसद में चर्चा की जा सकती है।
इससे पहले शाह ने संसद परिसर में कहा था कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सदन की कार्यवाही ही नहीं चलेगी तो किसी भी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा संभव नहीं होगी।
वहीं विपक्ष ने गृह मंत्री की इस पेशकश पर सवाल उठाए। विपक्ष की ओर से कहा गया कि केवल सदन में भाषण देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। विपक्ष ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा और इस मुद्दे पर सीधे जवाब देने की मांग की।

विपक्ष की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की गई और इस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के आदेश किस स्तर से दिए गए थे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार से छात्रों से जुड़े मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते सदन में सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ और कई मौकों पर कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
अब सरकार की ओर से चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहे जाने के बाद यह देखना अहम होगा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच चर्चा के लिए सहमति बनती है या नहीं। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह NEET से जुड़े मुद्दे पर संसद में चर्चा करने और सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।

