मथुरा के वृंदावन स्थित राजकीय बालिका गृह में 14 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, किशोरी की मौत बाथरूम में पानी में डूबने से हुई। मामले की जांच के दौरान दो नाबालिग लड़कियों की भूमिका सामने आई है।
घटना के बाद बालिका गृह में हड़कंप मच गया। शुरुआत में किशोरी की मौत को सामान्य घटना माना जा रहा था, क्योंकि उसके शरीर पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले थे। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत की वजह पानी में डूबने और दम घुटने से जुड़ी बताई गई। इसके बाद पुलिस ने बालिका गृह में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में तीन किशोरियां बाथरूम की ओर जाती दिखाई दीं, लेकिन कुछ समय बाद वहां से केवल दो किशोरियां बाहर आती नजर आईं।
CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों किशोरियों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। इसके बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया और अन्य किशोरियों से भी जानकारी जुटाई गई।
पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियां कुछ समय से बालिका गृह में रह रही थीं। पूछताछ में उन्होंने कथित तौर पर बताया कि वे वहां नहीं रहना चाहती थीं और अपने घर वापस जाना चाहती थीं। इसी दौरान उन्हें किसी के द्वारा यह बात बताई गई कि किसी लड़की की मौत होने पर बालिका गृह बंद हो सकता है और वहां रहने वाली लड़कियों को घर भेज दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, इसी सोच के बाद दोनों ने किशोरी को निशाना बनाने की योजना बनाई। घटना के बाद दोनों बाहर आ गईं। जब मामले की जानकारी अन्य लड़कियों और बालिका गृह प्रशासन को हुई तो वहां हंगामा शुरू हो गया।
घटना के बाद कुछ लड़कियों ने बालिका गृह की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपनी सहेली की मौत को लेकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की। पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुई। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम को समझने की कोशिश की और संदिग्ध किशोरियों से पूछताछ की। मामले में कुछ अन्य किशोरियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बालिका गृह प्रशासन के अनुसार, मृत किशोरी काफी समय से वहां रह रही थी। बताया गया कि उसके परिवार की परिस्थितियां बेहद कठिन थीं। वह पढ़ाई में अच्छी थी और अच्छे व्यवहार के कारण उसे स्कूल जाने की अनुमति भी दी गई थी। वह स्थानीय स्कूल में पढ़ाई कर रही थी।
मामले में बालिका गृह की अधीक्षिका की ओर से FIR दर्ज कराई गई है। इसमें दो नाबालिग किशोरियों के साथ कुछ अन्य किशोरियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूरी घटना की योजना कैसे बनी और इसमें कौन-कौन शामिल था।

