चंडीगढ़ के IT पार्क थाना क्षेत्र में नशे की हालत में युवकों के तीन अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में कहीं एक युवक आंखें बंद कर झूमता नजर आ रहा है, तो कहीं दूसरा युवक काफी देर तक जमीन पर सिर टिकाकर बैठा दिखाई दे रहा है। तीसरे वीडियो में दो युवक जंगल के पास बैठे नजर आते हैं, जिनमें से एक को इंजेक्शन लगाते हुए देखा गया।
पहला वीडियो किशनगढ़ इलाके का बताया जा रहा है। करीब 15 सेकंड के इस वीडियो में एक युवक दुकान के बाहर मेज पर बैठा दिखाई देता है। उसकी आंखें बंद हैं और वह लगातार एक ही जगह पर झूमता हुआ नजर आता है। आसपास से लोग आते-जाते दिखाई दे रहे हैं और कुछ लोग युवक का वीडियो भी बनाते नजर आते हैं।
वीडियो में युवक कई बार पीछे की ओर गिरने जैसा दिखाई देता है, लेकिन वह संभल जाता है। वह कुछ देर तक उसी तरह मेज पर बैठा झूमता रहता है। बाद में वह मेज से नीचे गिर जाता है। वीडियो में युवक की हालत देखकर उसके नशे में होने का अंदाजा लगाया जा रहा है, हालांकि केवल वीडियो के आधार पर नशे की प्रकृति की पुष्टि नहीं की जा सकती।
दूसरा वीडियो करीब 20 सेकंड का है। इसमें एक युवक जमीन पर बैठा दिखाई देता है और उसने अपना सिर जमीन से टिकाया हुआ है। आसपास लोगों की मौजूदगी के बावजूद युवक में किसी तरह की खास हलचल दिखाई नहीं देती। बताया गया कि वह काफी देर तक इसी स्थिति में बैठा रहा, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों को उसके नशे में होने का शक हुआ।
तीसरा वीडियो किशनगढ़ के जंगल क्षेत्र का बताया जा रहा है। करीब 1 मिनट 10 सेकंड के इस वीडियो में झाड़ियों के बीच दो युवक बैठे दिखाई देते हैं। वीडियो में एक युवक कुछ देर के लिए खड़ा होता है, आसपास देखता है और फिर नीचे बैठ जाता है। इसके बाद दोनों युवकों के नशे का इंजेक्शन लगाने जैसी गतिविधि करते दिखाई देने का दावा किया गया है।
वीडियो सामने आने के बाद चंडीगढ़ की डिप्टी मेयर सुमन शर्मा ने इलाके में नशे की समस्या और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र में नशे को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन उन्हें पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
डिप्टी मेयर ने नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इसकी वजह से आने वाली पीढ़ियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े मामलों की जानकारी और वीडियो पुलिस तक कई बार पहुंचाए गए हैं, इसके बावजूद ठोस कार्रवाई की जरूरत बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से युवाओं और बच्चों को नशे से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
जब डिप्टी मेयर इस मुद्दे पर बात कर रही थीं, उस समय इलाके के DSP रामगोपाल और IT पार्क थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मीनी भारद्वाज भी मौके पर मौजूद थे। इस दौरान इलाके में नशे से जुड़े मामलों पर कार्रवाई और समस्या को नियंत्रित करने को लेकर चर्चा हुई।
चंडीगढ़ में इससे पहले भी नशे की हालत में युवकों के वीडियो सामने आने के बाद चिंता जताई जाती रही है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति के आधार पर किसी विशेष नशीले पदार्थ या उसके प्रभाव की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच और मेडिकल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
इन तीनों वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। खासकर सार्वजनिक स्थानों और जंगल क्षेत्र के आसपास युवाओं के नशे की हालत में दिखाई देने को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ी है। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई और इस मामले में होने वाली जांच पर है।

