केरल पुलिस ने विवादित बयान देने के आरोप में राइट विंग कमेंटेटर और यूट्यूबर टीजी मोहनदास को गिरफ्तार किया है। मामला NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर दिए गए कथित बयान से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार, मोहनदास ने जुलाई के आखिर में ऑनलाइन वीडियो के जरिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणियों को लेकर पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बातें कही गईं। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कर्फ्यू लगाने और आदेश नहीं मानने पर फायरिंग कराने जैसी बातों का भी कथित तौर पर जिक्र किया गया था।
पुलिस का कहना है कि इन बयानों से लोगों के बीच डर और अशांति फैलने की आशंका थी। शिकायत मिलने के बाद मामले को साइबर पुलिस तक पहुंचाया गया और वीडियो तथा उससे जुड़े अन्य डिजिटल कंटेंट की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस मोहनदास के कोच्चि स्थित घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां औपचारिक रूप से उनकी गिरफ्तारी की गई।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए वीडियो बनाने और उसे ऑनलाइन अपलोड करने में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरणों को भी जब्त किया है। इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की बात कही गई है।
जांच एजेंसियां उनके ऑनलाइन अकाउंट और संबंधित वीडियो की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विवादित वीडियो को हटाने का अनुरोध किया है, ताकि मामले की जांच के दौरान इसके प्रसार को रोका जा सके।
मोहनदास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी कानून और केरल पुलिस कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में दंगा भड़काने की कोशिश और झूठी जानकारी या अफवाह फैलाने जैसे आरोपों की भी जांच की जा रही है।
हिरासत में लिए जाने के दौरान उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने साइबर पुलिस स्टेशन और संबंधित अदालत के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी, ताकि किसी तरह की भीड़ या प्रदर्शन की स्थिति से निपटा जा सके।
सरकार की ओर से कहा गया है कि गिरफ्तारी शिकायत और जांच के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। वहीं, भाजपा से जुड़े एक स्थानीय पार्षद ने गिरफ्तारी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।

