राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की अहम सुनवाई आज: यूपी सरकार देगी नई SIT जांच की रिपोर्ट, 8 आरोपी भी होंगे पेश

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने उत्तर प्रदेश सरकार मामले की नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मामले की जांच के लिए दोबारा विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और अब तक हुई जांच की पूरी जानकारी अदालत के सामने रखी जाए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नई SIT का गठन कर दिया है। इस नई जांच टीम की जिम्मेदारी लखनऊ रेंज की IG किरण एस को सौंपी गई है। इससे पहले गठित SIT की अगुवाई IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे थे, जबकि नई टीम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई है ताकि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके और मामले की सच्चाई सामने आ सके।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर जोर दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा था कि मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए और जांच पूरी ईमानदारी के साथ की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपराधिक प्रकृति का दिखाई देता है, इसलिए जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाने की जरूरत है।

इस मामले में आरोप है कि राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती के दौरान नोटों और गहनों की चोरी की गई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।

सभी आठ आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं और आज एंटी करप्शन कोर्ट में उनकी पेशी भी होगी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाएगी। जांच एजेंसियां इस मामले में आरोपियों से पूछताछ और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आ सके।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने, मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच और चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने मंदिर से जुड़े आर्थिक लेन-देन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।

पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया था कि मंदिर निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान दिया था और उसकी रसीदें जारी की गई थीं। उनका कहना था कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान सही तरीके से मंदिर तक पहुंचा या नहीं। हालांकि कोर्ट ने कहा कि हर दावे की जांच के लिए व्यवस्थित रिकॉर्ड होना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा था। इसके बाद जांच टीम ने अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी। अब नई SIT के गठन के बाद कोर्ट आज यह देखेगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और क्या इसमें किसी और निर्देश की जरूरत है।

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कुल चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें CBI जांच, वित्तीय ऑडिट, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने जैसी मांगें शामिल हैं। अदालत आज सरकार की रिपोर्ट और जांच की प्रगति को देखते हुए आगे की कार्रवाई पर फैसला कर सकती है।