पाकिस्तान में अंडरकवर ऑपरेशन का खौफ: हाफिज सईद, मसूद अजहर समेत कई आतंकियों की सुरक्षा बढ़ी, ISI ने बदले ठिकाने

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पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से लगातार हो रहे रहस्यमयी अंडरकवर ऑपरेशनों के बाद आतंकी संगठनों में डर का माहौल बताया जा रहा है। इसी आशंका को देखते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने हाफिज सईद, मसूद अजहर, सैयद सलाहुद्दीन उर्फ मोहम्मद यूसुफ शाह और अन्य कई वांछित आतंकियों की सुरक्षा पहले से अधिक मजबूत कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष एजेंटों, पूर्व एसएसजी कमांडो और स्थानीय पुलिस बल को अलग-अलग ठिकानों पर तैनात किया गया है, जबकि कई आतंकियों के ठिकाने भी बदले जाने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े कई प्रमुख चेहरों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। मंगला डैम, बहावलपुर, रावलकोट, कराची, कोटली, सियालकोट, मुरीदके और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इन क्षेत्रों को लंबे समय से विभिन्न आतंकी नेटवर्क के ठिकानों और लॉन्च पैड के रूप में देखा जाता रहा है।

बताया जा रहा है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान पाकिस्तान के भीतर दो दर्जन से अधिक आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। कई मामलों को कथित अंडरकवर ऑपरेशन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके बाद आतंकी संगठनों और उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। इसी कारण प्रमुख आतंकियों की आवाजाही सीमित की गई है और उनके ठिकानों में लगातार बदलाव किया जा रहा है।

केंद्रीय एजेंसियों के अनुसार, हाफिज सईद भारत के खिलाफ कई आतंकी गतिविधियों के मामलों में वांछित है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह कई बड़े आतंकी षड्यंत्रों से जुड़ा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान में उसकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके साथ-साथ मसूद अजहर और अन्य आतंकियों की निगरानी तथा सुरक्षा के लिए विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति के तहत भारत सरकार का गृह मंत्रालय गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कई आतंकियों को आतंकवादी घोषित कर चुका है। इनमें पाकिस्तान में मौजूद कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिन पर भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकवादी हमलों की साजिश, सीमा पार घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, आतंकी संगठनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और आतंकियों की भर्ती कराने जैसे गंभीर आरोप हैं।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच कई वांछित आतंकियों को लेकर अलग-अलग रणनीति अपनाता रहा है। वहीं हालिया घटनाक्रम के बाद हाफिज सईद, मसूद अजहर, सैयद सलाहुद्दीन समेत करीब दो दर्जन आतंकियों की सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में और कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के विशेष कर्मियों, पूर्व कमांडो और स्थानीय पुलिस बल को उनकी सुरक्षा में लगाया गया है, जबकि संभावित खतरे को देखते हुए उनके ठिकानों में लगातार बदलाव किए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है।