पश्चिम बंगाल के चर्चित कामदुनी दुष्कर्म-हत्या मामले में 13 साल बाद एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। पीड़िता के परिवार के सदस्य मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने मामले से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। परिवार का आरोप है कि जांच और अदालत की कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें अब भी पूर्ण न्याय नहीं मिल सका।
हाल ही में भाजपा की ओर से भी इस मामले की फाइल दोबारा खोलने की बात कही गई है। जनता दरबार में पीड़ित परिवार के साथ 2013 के आंदोलन से जुड़े कुछ प्रमुख लोग भी मौजूद रहे। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर तय प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला वर्ष 2013 का है, जब उत्तर 24 परगना जिले के कामदुनी में घर लौट रही एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
मामले में सत्र न्यायालय ने कई आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने फैसले में संशोधन करते हुए कुछ दोषियों की सजा में बदलाव किया और एक आरोपी को बरी कर दिया। अब पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय की प्रक्रिया में दोबारा सुनवाई और आवश्यक कानूनी सहायता की उम्मीद है। इसी उद्देश्य से उन्होंने जनता दरबार में अपनी बात रखी और मामले पर उचित कार्रवाई की मांग की।

