मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारियां की गई थीं। हेलीपेड पर संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दौरे को लेकर प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी पूरे दिन सक्रिय रहे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक और विकासात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने की रूपरेखा पर चर्चा की। दोनों नेता राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों से भी संवाद करेंगे। इस दौरान शहर में चल रहे विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर प्रवास से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। राष्ट्रपति के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उन्होंने इंदौर में उन्हें विदाई दी। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए वे उज्जैन पहुंचे। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक नगरी उज्जैन में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शहर के अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में भी शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार कपिला गौशाला समेत कुछ महत्वपूर्ण स्थलों का भी दौरा प्रस्तावित है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुलाकात कर क्षेत्रीय आवश्यकताओं और विकास कार्यों पर चर्चा किए जाने की संभावना है। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
शाम करीब 6 बजे प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित होगी। यह बैठक स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेशभर में चल रहे स्वच्छता अभियानों, कचरा प्रबंधन, शहरी स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। बैठक में विभिन्न जिलों के अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके बाद पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर दूसरी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होगी। इस योजना का उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विद्युत अधोसंरचना विकास कार्यों, स्मार्ट मीटर परियोजनाओं और वितरण तंत्र को मजबूत करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
उज्जैन में आयोजित इन दोनों बैठकों को राज्य के विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में लिए जाने वाले निर्णयों का असर प्रदेशभर में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर पड़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।