उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित गंगाघाट श्री मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर एवं निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को एक बार फिर धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र मिलने के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी देते हुए सुरक्षा की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को आश्रम पहुंचे एक लिफाफे को मंगलवार को खोला गया। इसके अंदर हाथ से लिखा एक पत्र मिला, जिसमें महामंडलेश्वर के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण बातें लिखी गई थीं। पत्र में धार्मिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
बताया जा रहा है कि यह पत्र उत्तर प्रदेश से भेजा गया है। पत्र में दावा किया गया है कि यदि उन्होंने अपनी गतिविधियां नहीं बदलीं तो उन्हें अंजाम भुगतना पड़ेगा। पत्र में देश के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक नेताओं का भी जिक्र किया गया है।
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महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि ने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर सक्रिय रहने के कारण उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी उन पर उज्जैन और वडोदरा में हमले हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है।
यह पहला अवसर नहीं है जब उन्हें इस प्रकार की धमकी मिली हो। इससे पहले वर्ष 2023 और 2025 में भी पत्रों के माध्यम से उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। उन मामलों में भी पुलिस को शिकायत दी गई थी और जांच कराई गई थी।
गौरतलब है कि डॉ. सुमनानंद गिरि पूर्व में कई मुस्लिम युवक-युवतियों को सनातन परंपरा के अनुसार धर्मांतरण और विवाह से जुड़े कार्यक्रमों के कारण भी चर्चा में रहे हैं। पुलिस अब ताजा धमकी पत्र की जांच कर भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।